V3 Q3: क्या मैं पनौती हूं?
नहीं आप पनौती नहीं हैं। आप भव्य हैं।
इसके लिये V3 Q1 में दी गई विधि अपनायें।
आप एक अच्छे गुरू की तलाश कर लें जो आधात्यमिक गुरू हों न की तंत्र-मंत्र वाला कोई जादूगर। और उस गुरू को याद करते हुये अपने मन को यह विचार देते रहें।
हमारे गुरू भव्य हैं जिन्हें हम हृदय में धारण करते हैं, जिनकी वाणी कानों से श्रवण करते हैं, आंखों से जिनको देखते है, हाथों से जिनके पैर स्पर्ष करते हैं, इस कारण हम भव्य हैं.
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