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Showing posts from August, 2021

V3 Q12: Disclosures to overcome overthinking/fear etc.

Subconscious mind and 'chitta', neutralise and discard the thought depicting fear/signature fobia/ death. For Rembering: Cowards die many times before their deaths, the valiant never taste of death but once.- William Shakespeare Expose yourself to your deepest fear; after that, fear has no power, and the fear of freedom shrinks and vanishes. You are free.- Jim Morrison Fear is not real. It is the product of thoughts you create. Danger is very real, but fear is a choice.- Unknown “Maybe the ultimate wound is the one that makes you miss the war you got it in.”-  Sebastian Junger “A soldier will return as a hero either with a medal on his chest or a metal in his chest.”- Suraj Sani “Be the last soldier in a never-ending battle, life is nothing more...”- Arash Pakravesh, The Letter जो जैन धर्म का पालन करते हैं, वो याद रखें आपके आराध्य महावीर  हैं। आप भी वीर हो क्योंकि आप महावीर के उपासक हो। बोलो जय महावीर। जैन धर्म वीरों का धर्म हैं क्षत्रियों का धर्म हैं, अगर आप ख़ुद को जैन कहते ह...

V3 Q11: मोटीवशन के लिये किसको पढ़ें या सुनें।

आज बहुत से नाम हैं जो मोटीवेशन देने की बात करते हैं, इसमें संदीप माहेश्वरी सरीखे नाम भी आते हैं। मेरी निजी राय है मोटीवेशन के लिए उसी को पढ़ें जो भव्य हो, उनको नहीं पढ़ें जो अभव्य हों। उसी दुकान से सामान खरीदें जो OEM हो. मैं इंडियन आर्मी के सैनिकों/अधिकारियों के मोटीवेशनल वीडिओ पसंद करता हूँ। 

V3 Q10: कोई भव्य हैं यह पता कैसे कर सकते हैं?

 इसके लिये कोई नियत विधि नहीं है. फिर भी पूर्व के विधान के हिसाब से निम्न चीजें भव्य व्यक्ति में हो सकती हैं- 1) शाकाहारी होगा. 2) ध्यानी होगा. 3) परिग्रह कम से कम रखता होगा. 4) आंखों, विचारों में भव्यता दिखाई देती होगी. 5) वीर होगा. 6) डरता नहीं होगा.

V3 Q9: ओवरथिकिंग/निगेटिव विचारों को कैसे रोकें Maximum 30 Sentences

 आप भव्य हैं, क्योंकि उस दिव्य शक्ति ने सब को भव्य बनाया है.  आपको मेरा नमस्कार. हम में से बहुत लोग मन के निगेटिव विचारों को इंटरटेन करते हैं एवं इस कारण हमारे सोचने का तरीका विगड़ जाता हैं. सबसे अच्छी बात यह है कि इसे ठीक किया जा सकता हैं. हमें एक अच्छा रूटीन बनाना चाहिए यह हमारे सोचने के तरीके को ठीक करता है. हमें ध्यान और मन की सफ़ाई नियमित रूप से करनी चाहिए यह हमें ख़ुशहाल बनाता है, इसके लिये हार्टफ़ुलनेस मेडीटेशन अपनाया जा सकता है.

V3 Q8: सूक्ष्म विचारों/सुझावों की शक्ति Maximum 30 Sentences

 आप भव्य हैं, क्योंकि उस दिव्य शक्ति ने सब को भव्य बनाया है.  आपको मेरा नमस्कार. मन की ज़मीन पर बबूल के बीज बोओगे तो बबूल उगेगा इसलिए हमें अच्छे विचारों के बीज का रोपण करना चाहिए. हमनें डर आदि निगेटिव बीज बोये हैं और हमने एंक्ज़ाइटी, अनिद्रा, डिप्रेसन आदि पेड़ पाये हैं. अब हम मन की ज़मीन पर अच्छे विचारों का रोपण करेंगें. सुब्‍ह सबसे पहले यह घोषणा करना चाहिए कि हम भव्य है और इस बात पर कम से कम दो मिनट चिंतन करना चाहिए. भोजन करने से पूर्व यह विचार लेना चाहिए कि हम प्रसाद ले रहे हैं और इस बात पर कम से कम दो मिनट चिंतन करना चाहिए. मन में जब भी निराशा/डर आदि आयें तो तत्क्षण यह विचार लेना चाहिए कि एक डर/निराशा ही हारने के लिये पर्याप्त होती है और इस बात पर कम से कम दो मिनट चिंतन करना चाहिए. रात को सोते समय यह विचार लेना चाहिए कि हम भव्य है और इस बात पर कम से कम दो मिनट चिंतन करना चाहिए. इस तरह के कस्टम सुझाव आप स्वयं भी बना सकते हैं. उम्मीद है कि आप अपनी भव्यता का सुखद एहसास कर रहे होंगे. भव्य जीव आपको पुनः नमस्कार.

V3 Q7: हमें भव्य गुरू या भव्य भगवान या भव्य दोस्त से क्या मांगना चाहिए.

पहले आप यह देख ले कि जिस से आप कुछ मांग रहे हैं, वो भव्य होना चाहिए. अभव्यों से कुछ नहीं मांगना चाहिए. हमें वह चीज मांगनी चाहिए जो उन्होंने पाई है. जैन भगवान से सिद्ध शिला पर विराजमान होना मांगना चाहिए. गुरू से वो सर्वश्रेष्ठ विद्या मांगना चाहिए जो उन्होंने अर्जित की है.

V3 Q6: पति-पत्नि में अच्छे संबंध कब रह सकते हैं?

 पति-पत्नि के संबंध अच्छे तभी रह सकते हैं जब मानसिक संबंध दोनों में स्वस्थ्य हों, पति पत्नि के विवेक को पसंद करे और पत्नि पति के विवेक को पसंद करे। मानसिक संबंध स्वस्थ्य होने पर शारिरिक संबंध स्वस्थ्य अपने आप हो जाते हैं।

V3 Q5: अनंत सुख का formula क्या है?

Maths में एक formula है- 100%/0 (one upon zero) ∞ (infinity) होता है। यह जीवन पर भी applicable हैं। 100%/(परिग्रह शून्य) तो अनंत सुख (अव्यवादी सुख) 100%/(डर शून्य) तो अनंत सुख (अव्यवादी सुख) 100%/(मोह शून्य) तो अनंत सुख (अव्यवादी सुख) 100%/(झूट शून्य) तो अनंत सुख (अव्यवादी सुख) 100%/(हिंसा शून्य) तो अनंत सुख (अव्यवादी सुख) 100%/(महात्वाकांक्षा शून्य) तो अनंत सुख (अव्यवादी सुख) 100%/(महात्वाकांक्षा शून्य) तो अनंत सुख (अव्यवादी सुख) 100%/(overthinking शून्य) तो अनंत सुख (अव्यवादी सुख) 100%/(self judgement शून्य) तो अनंत सुख (अव्यवादी सुख) 100%/(ख़ुद को पनौती मानना शून्य) तो अनंत सुख (अव्यवादी सुख) and so on . . .

V3 Q4: क्या suicide के thoughts को रोका जा सकता है?

 जी हाँ,  इसके लिये आप V3 Q1 में दी गई विधि अपनायें।

V3 Q3: क्या मैं पनौती हूं?

नहीं आप पनौती नहीं हैं। आप भव्य हैं। इसके लिये V3 Q1 में दी गई विधि अपनायें। आप एक अच्छे गुरू की तलाश कर लें जो आधात्यमिक गुरू हों न की तंत्र-मंत्र वाला कोई जादूगर। और उस गुरू को याद करते हुये अपने मन को यह विचार देते रहें। हमारे गुरू भव्य हैं जिन्हें हम हृदय में धारण करते हैं, जिनकी वाणी कानों से श्रवण करते हैं, आंखों से जिनको देखते है, हाथों से जिनके पैर स्पर्ष करते हैं, इस कारण हम भव्य हैं.

V3 Q2: क्या Past Traumas को भुला सकते हैं?

 हां यह संभव है। इसके लिये V3 Q1 में दी गई विधि अपनायें। धीरे धीरे आप पायेंगें की Traumas आपको परेशान करना बंद कर देंगें। Traumas, आपको याद तो रहेंगे पर परेशान नहीं करेंगे।

V3 Q1: क्या ओवरथिंकिंग से बचाव संभव है?

हां, ओवरथिंकिंग से बचाव संभव है. इसके लिये एक परफ़ेक्ट रूटीन की आवश्यकता हैं, जिसका पालन लगातार करने से मन ओवरथिंकिंग करना कम, फिर धीरे धीरे बंद कर देगा. एक्सरसाईज के लिये स्वामी रामदेव जी का वीडिओ तलाश करें। ध्यान व स्लीप के लिये हार्टफ़ुलनेस का वीडिओ तलाश करें। भोजन की विधि के लिये स्वामी रामदेव जी का वीडिओ तलाश करें। इसके अतिरिक्त मैं एक शक्तिशाली विधि आपसे शेयर करना चाहता हूं। इस विधि में ओवरथिंकिंग/कुछ दूसरी समस्या के स्टेटमेंट के साथ सदैव एक पॉजिटिव स्टेटमेंट हर बार कहना है। और सबकोंसियस माइंड को कहना है कि सबकोंसियस माइंड ओवरथिंकिंग स्टेटमेंट को mark as neutral, burn it and discard करो। बाद में subconscious mind को धन्यवाद और यह आग्रह की वह यह automatically करे, यह कहना है।  इसके अतिरिक्त एक सूक्ष्म विचार ले ले और उस पर थोड़ी देर चिंतन करते रहें। यह प्रक्रिया जब भी मौका मिले करते रहें। सूक्ष्म विचार इस तरह के हो सकते हैं, एक समय में एक ही सूक्ष्म विचार को मन में धारण करना है- 1) मेरे गुरू भव्य हैं। 2) ओवरथिंकिंग किल्स। 3) फ़ीअर किल्स। 4) सिग्नेचर फ़ोबिया किल्स। 5) मैं सुरक्ष...